घरेलू उपाय 2 home medicine

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सुबह एक ग्लास = रोज 3 किलो चर्बी गायब!

मोटी से मोटी तोंद भी नौवें दिन गायब हो जाएगी! बस सुबह ये करे

पाचन में सहायक
पेट के निचले हिस्से पर मड पैक लगाने से यह पाचन में सुधार करने में मदद करता है। यह अभ्यास आंतों की गर्मी को कम करने में समर्थ सिद्ध होती है, साथ ही आंतों के क्रमाकुंचन (पेरिस्टॉसिस) आंदोलन को भी उत्तेजित करता है। इसके अलावा पेट में गैस या दर्द होने की स्थिति में राहत पाने के लिए पेट पर मड पैक लगाने की सलाह दी जाती है।

कब्ज
पेट पर मड पैक लगाने पर यह कब्ज वाली आंत के लिए एक अद्भुत प्राकृतिक उत्तेजक का काम करता है। इसलिये ही नैचुरोपेथी में भी कब्ज की समस्या से छटकारा दिलाने के लिए पेट पर मड पैक लगाया जाता है।

डायरिया और उल्टी
दस्त हो जाने पर भी मड पैक सहायक सिद्ध होता है। इस समस्या के होने पर पेट पर मड पैक लगाया जाता है। वहीं उल्टी के मामले में मड पैक को छाती पर लगाया जाता है। इसे लगाने से उलटियां बंद हो जाती हैं।

ड्राई स्किन के लिए
ड्राई स्किन और मांसपेशियों के दर्द से परेशान हैं, तो मड थेरेपी करवाएं। यह थेरेपी आपको तुरंत राहत देगी और आप फ्रेश महसूस करेंगी/करेंगे। इस थेरेपी से सौंदर्य में तो निखार आता ही साथ ही यह एंटी एजिंग का काम भी करती है। मड थेरेपी से रोगों को दूर करने और शारीरिक सौंदर्य को बनाए रखने के लिए शरीर के अलग-अलग भागों पर मिट्टी का लेप किया जाता है।

नेत्र समस्याओं के लिए
आंखों पर मड पैक लगाने से आंखों की मांसपेशियों को आराम मिलता है तथा इसे नेत्र दृष्टि वृद्धि के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। इसके अलावा नेत्र विकृतियों जैसे नेत्रश्लेष्मलाशोथ तथा स्टाई में भी यह फायदेमंद होता है।

त्वचा समस्याओं के लिए
एक्जिमा जैसी त्वचा समस्याओं से मड पैक लगाकर निजात पाई जा सकती है। ऐसा मिट्टी की स्वाभाविक प्रवृत्ति, एंटी टॉक्सिक और ठंडा होने की वजह से होता है। ऐसे में साबुन की जगह मड से नहाने की सलाह दी जाती है।

सिर दर्द व तनाव
मड थेरेपी सिर दर्द के लिए भी एक कारगर उपचार हो सकती है, विशेषकर गर्म और आर्द्र बाहरी वातावरण के साथ जुड़े सिर दर्द के मामले में। ऐेसे में मड पैक को माथे पर लागू करने की सलाह दी जाती है (और यदि जरूरत हो तो पूरे सिर पर भी)। इससे सिर की गर्मी दूर होती है और सिर दर्द और तनाव भी दूर हो जाता है।

बुखार व घाव आदि के उपचार में
बुखार से राहत पाने के लिए मड पैक को पेट के साथ माथे पर लगाया जा सकता है। मड में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है, इसलिए यह घाव और निशानों के उपचार के लिए भी काफी कारगर विकल्प होता है।

इन 4 एक्‍यूप्रेशर प्‍वाइंट से तेजी से बढ़ा सकती हैं बालों की ग्रोथ

हेयर ग्रोथ के लिये एक्यूप्रेशर प्वाइंट
महिला हो या पुरुष मजबूत और स्वस्थ बाल दोनों ही के लुक्स में चार चांद लगाते हैं, लेकिन अगर बालों की समस्या होने गले और इनकी ग्रोथ रुक जाए तो बड़ी परेशानी होने लगती है। लेकिन कुछ खास एक्यूप्रेशर प्वाइंट (Acupressure points) की मदद से बालों की समस्याओं से बचा जा सकता है और उनकी ग्रोथ बढ़ाई जा सकती है। यूं तो शरीर में 100 से अधिक एक्यूप्रेशर के प्वाइंट होते हैं लेकिन कुछ ऐसे बिंदु हैं जिनपर दबाव डालने से अधिक से अधिक शारीरिक समस्याओं का निदान किया जा सकता है और हेयर ग्रोथ को बढ़ाया जा सकता है। लेकिन इसके लिए आपको सही एक्यूप्रेशर प्वाइंट की जानकारी होनी चाहिए। लेकिन एक्यूप्रेशर करने से पहले एक्सपर्ट ट्रेनिंग व सलाह लेना न भूलें। चलिये जानें ये एक्यूप्रेशर प्वाइंट कौन से हैं।

पैहुई (PAIHUI)
पैहुई (paihui) प्वाइंट पर उंगली से 2 से 3 मिनट तक सर की मसाज़ करें, इससे बाल उगने लगते हैं। इसे करने के लिये कान के ऊपर से भौंह तक एक काल्पनिक रेखा बना लें। दूसरी काल्पनिक रेखा नाक के ऊपर से लेकर भौंह के बीच तक बनायें। ये दोनों रेखायें जहां मिलती हैं वहां एक्यूप्रेशर का प्वाइंट होता है।

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SP-6 प्वाइंट
चिंता या तनाव से भी बालों के झड़ने की समस्या हो जाती है, तो इनसे निजात पाने के लिए एड़ी से तीन इंच ऊपर मौजूद एक्यूप्रेशर प्वाइंट पर दबाव डालने या मसाज करने से तुरंत स्ट्रेस से मुक्त मिलती है। इस बिंदु को SP-6 प्वाइंट भी कहा जाता है।

LU 4 प्वाइंट
सांस को बेहतर बनाने के लिये Lu 4 बिंदु दबाकर अतिरिक्त ऑक्सीजन दी जा सकती है। यह बिंदु नाक की टिप से हाथ को छूकर ढ़ूढा जा सकता है। मसलन जहां नाक की नोक हाथ को (हाथ सीधी अवस्था मे रखें) छुती है वहां यह प्वाइंट होता है। बिंदु पर दबाव हाथ के अंगूठे या अंगुलियों के द्धारा दिया जा सकता है।

L14 एक्यूप्रेशर प्वाइंट
L14 एक्यूप्रेशर प्वाइंट पर मसाज करने से बड़ी आंत से संबंधित समस्याओं का उपचार होता है और रक्त शुद्ध होता है। इस प्रकार बालों का बढ़ना भी तेज होता है। इसके लिए अंगूठे और पहली उंगली के बीच की जगह पर दबाते हैं। इसे एक्यूप्रेशर प्वाइंट L14 के रूप में भी जाना जाता है।

एक्यूप्रेशर प्वाइंट LR-3
लिवर से संबंधित समस्याओं के लिए पैर के अंगूठे और पहली उंगली के बीच की जगह पर एक्यूप्रेशर प्वाइंट होता है। स्वस्थ व मजबूत बालों के लिये लिवर का स्वस्थ होना बेहद जरूरी होता है। यह एक्यूप्रेशर प्वाइंट LR-3 कहलाता है।

जुकाम और खांसी के लिए रामबाण है गेहूं की भूसी, जानें इस्तेमाल करने का तरीका

जुकाम और खांसी
मौसम में बदलाव के साथ ही कई प्रकार की बीमारियां व्‍यक्ति को अपना शिकार बनाती है। इनमें जुकाम और खांसी सबसे सामान्‍य हैं। साधारण सी बीमारी लगने वाली ये बीमारी आपको बहुत परेशान कर सकती है। इसके उपचार के लिए आप घरेलू उपाय आजमा सकते हैं, ये आसानी से उपलब्‍ध होते हैं और इनका कोई भी साइड इफेक्‍ट भी नही पड़ता है।

हल्‍दी
जुकाम और खांसी से बचाव के लिए हल्‍दी बहुत ही अच्‍छा उपाय है। यह बंद नाक और गले की खराश की समस्‍या को भी दूर करता है। जुकाम और खांसी होने पर दो चम्‍मच हल्‍दी पावडर को एक गिलास दूध में मिलकार सेवन करने से फायदा होता है। दूध में मिलाने से पहले दूध को गर्म कर लें। इससे बदं नाक और गले की खराश दूर होगी। सीने में होने वाली जलन से भी यह बचाता है। हती नाक के इलाज के लिए हल्दी को जलाकर इसका धुआं लें, इससे नाक से पानी बहना तेज हो जाएगा व तत्काल आराम मिलेगा।

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गेहूं की भूसी
जुकाम और खांसी के उपचार के लिए आप गेहूं की भूसी का भी प्रयोग कर सकते हैं। 10 ग्राम गेहूं की भूसी, पांच लौंग और कुछ नमक लेकर पानी में मिलाकर इसे उबाल लें और इसका काढ़ा बनाएं। इसका एक कप काढ़ा पीने से आपको तुरंत आराम मिलेगा। हालांकि जुकाम आमतौर पर हल्का-फुल्का ही होता है जिसके लक्षण एक हफ्ते या इससे कम समय के लिए रहते हैं। गेंहू की भूसी का प्रयोग करने से आपको तकलीफ से निजात मिलेगी।

तुलसी
समान्‍य कोल्‍ड और खांसी के उपचार के लिए बहत की कारगर घरेलू उपाय है तुलसी, यह ठंक के मौसम में लाभदायक है। तुलसी में काफी उपचारी गुण समाए होते हैं, जो जुकाम और फ्लू आदि से बचाव में कारगर हैं। तुलसी की पत्तियां चबाने से कोल्ड और फ्लू दूर रहता है। खांसी और जुकाम होने पर इसकी पत्तियां (प्रत्येक 5 ग्राम) पीसकर पानी में मिलाएं और काढ़ा तैयार कर लें। इसे पीने से आराम मिलता है।

अदरक
सर्दी और जुकाम में अदरक बहुत फायदेमंद होता है। अदरक को महाऔषधि कहा जाता है, इसमें विटामिन, प्रोटीन आदि मोजूद होते हैं। अगर किसी व्यक्ति को कफ वाली खांसी हो तो उसे रात को सोते समय दूध में अदरक उबालकर पिलाएं। अदरक की चाय पीने से जुकाम में फायदा होता है। इसके अलावा अदरक के रस को शहद के साथ मिलाकर पीने से आराम मिलता है।

काली मिर्च पाउडर
जुकाम और खांसी के इलाज के लिए यह बहुत अच्‍छा देसी ईलाज है। दो चुटकी, हल्दी पाउडर दो चुटकी, सौंठ पाउडर दो चुटकी, लौंग का पाउडर एक चुटकी और बड़ी इलायची आधी चुटकी, लेकर इन सबको एक गिलास दूध में डालकर उबाल लें। इस दूध में मिश्री मिलाकर पीने से जुकाम ठीक हो जाता है। शुगर वाले मिश्री की जगह स्टीविया तुलसी का पाउडर मिलाकर प्रयोग करें।

इलायची
इलायची न केवल बहुत अच्‍छा मसाला है बल्कि यह सर्दी और जुकाम से भी बचाव करता है। जुकाम होने पर इलायची को पीसकर रुमाल पर लगाकर सूंघने से सर्दी-जुकाम और खांसी ठीक हो जाती है। इसके अलावा चाय में इलायची डालकर पीने से आराम मिलता है।

हर्बल टी
सर्दी और जुकाम में औषधीय चाय पीना बहुत फायदेमंद होता है। सर्दी के कारण जुकाम, सिरदर्द, बुखार और खांसी होना सामान्‍य है, ऐसे में हर्बल टी पीना आपके लिए फायदेमंद है। इससे ठंड दूर होती है और पसीना निकलता है, और आराम मिलता है। यदि जुकाम खुश्‍क हो जाये, कफ गाढ़ा, पीला ओर बदबूदार हो और सिर में दर्द हो तो इसे दूर करने के लिए हर्बल टी का सेवन कीजिए।

कपूर
सर्दी से बचाव के लिए कपूर का प्रयोग भी फायदेमंद है। कपूर की एक टिकिया को रुमाल में लपेटकर बार-बार सूंघने से आराम मिलता है और बंद नाक खुल जाती है। इसके आलाव यह कपूर सूंघने से ठंड भी दूर होती है। कपूर की टिकिया का प्रयोग करके आप सर्दी और जुकाम से बचाव कर सकते हैं।

नींबू
गुनगुने पानी में नींबू को निचोड़कर पीने से सर्दी और खांसी में आराम मिलता है। एक गिलास उबलते हुए पानी में एक नींबू और शहद मिलाकर रात को सोते समय पीने से जुकाम में लाभ होता है। पका हुआ नींबू लेकर उसका रस निकाल लीजिए, इसमें शुगर डालकर इसे गाढ़ा बना लें, इसमें इलायची का पावडर मिलाकर इसका सेवन करने से आराम‍ मिलता है।

सारे बैक्‍टीरिया का सफाया कर देगा घर का बना ये हैंडवॉश

नेचुरल हैंडवॉश
मार्केट में मिलने वाले हैंडवॉश की गुणवत्‍ता कैसी है ये शायद हम और आप नहीं जान सकते हैं। लेकिन यही चीज अगर आपके घर में बनी हो तो आपको इसपर पूरा भरोसा रहेगा। इसके लिए आपको सिर्फ 5 रुपए खर्च करने होंगे। ये हैंडवाश पूरी तरह हर्बल और केमिकल फ्री होगा। इससे आपके हाथ मुलायम और खुशबूदार रहेंगे। ऐसे में ये सस्ता हैंडवाश आपके बहुत काम आ सकता है। इसके लिए आपको किन चीजों की जरूरत होगी आइए जानते हैं।

हैंडवॉश के लिए जरूरी सामाग्री
हैंडवॉश को घर में तैयार करने के लिए 5 रुपए का रीठा, 4-5 गुलाब के फुल की पत्तियां, 2 गुलहड के फुल की पत्तियां, 2 चम्मच एलोवेरा जेल और 2 चम्मच गुलाब जल एकत्र कर लीजिए।

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कैसे तैयार करें
हैंडवाश बनाने के एक दिन पहले रीठा को रात में भिगोकर रख दें। दूसरे दिन इसके बीज को निकालकर टुकड़े कर लें। अब इसको मिक्सर में पीस लें। एक स्मूद पेस्ट तैयार हो जाएगा। इसका कलर सफेद रहेगा। रीठा साबुन का काम करता है।

ऐसे बनाएं
अब इस पेस्ट में 4 से 5 फ्रेश गुलाब की पत्तियां, गुलहड़ की पत्तियां के साथ 2 चम्मच गुलाब जल और 2 चम्मच ऐलोवेरा जेल डालकर एक बार दोबारा मिक्सर में पीस लें। इसका एकदम स्मूद पेस्ट बनाना है। गुलाब की पत्तियों को खुशबू के लिए डाला जाता है। गुलाब खुशबूं देने का काम करेगा और गुलहड़ कंडीशनर के काम में आएगा।

हैंडवॉश का प्रयोग
हैंडवाश तैयार हो चुका है। अब इसका कलर हल्का सा पिंक हो जाएगा। आप इसे वॉटल में भरकर यूज कर सकते हैं। अगर थोड़ा मोटा लग रहा है तो आप इस पेस्ट में पानी भी मिला सकते हैं। ये केमिकल फ्री हर्बल हैंडवाश है।

इसे भी पढ़ें: कफ और खांसी को जड़ से मिटाता है घर में बना ये चमत्कारिक काढ़ा

बंद नाक से छुटकारा दिलाती है ओरेगेनो की पत्‍ती, जानें अन्‍य फायदे

ओरेगेनो में मौजूद पोषक तत्व
ओरेगेनो में विटामिन और मिनरल भरपूर मात्रा में होता है। इसमें विटामिन ए, सी और ई कॉम्पलैक्स के साथ जिंक, मैग्निशियम, आयरन, कैल्शियम, पौटेशियम, कॉपर, मैगनीज भी पाया जाता है। ये सारे तत्व हमारे शरीर के लिए काफी उपयोगी और फायदेमंद हैं।

कॉमन कोल्ड का उपचार
एंटीऑक्सीडेंट और एंटीसेप्टिक से भरपूर ओरेगेनो का सेवन कॉमन कोल्ड से बचने का अच्छा उपाय है। जब भी आपको गले में खराश या सर्दी होने की आशंका लगे तो संतरे के जूस में तीन बूंद ओरेगोनो ऑयल डाल कर पी लें। पांच दिन तक नियित रुप से इस ड्रिंक को दिन में एक बार लें। जल्दी ही आराम मिलेगा।

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बंद नाक खोले
बंद नाक के लिए ओरेगेनो ऑयल की तीन बूंद को आधा कप उबले हुए पानी में मिला कर पी लें। आप चाहें तो स्टीम लेने के लिए तैयार किए गए पानी में भी ओरेगेनो ऑयल को डाल सकते हैं और दिन में दो बार स्टीम लें। इससे बंद नाक जल्द ही खुल जाएगी।

फ्लू से बचाए
ओरेगेनो में मौजूद एंटीवायरल तत्व जल्द ही फ्लू के लक्षणों से निजात दिलाते हैं। औमतौर पर फ्लू होने पर सिरदर्द , बुखार, उल्टी, कफ, गले में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। एक गिलास पानी में ओरेगेनों की कुछ बूंद मिलाकर पीने से आपको इन लक्षणों से निजात मिल सकता है।

पेट में दर्द
मासिक धर्म में दौरान होने वाला पेट दर्द महिलाओं के लिए असहनीय हो जाता है। ऐसे में ओरेगेनो टी या गर्म पानी में ओरेगेनों ऑयल की कूछ बूंदे मिलकार पीने से जल्द ही आराम मिलता है। सबसे अच्छी बात यह है कि यह पूरी तरह से प्राकृतिक उपचार है। इसके कोई भी दुष्प्रभाव नहीं होते हैं।

आंतों की समस्या
कई बार आंतों में होने वाले संक्रमण की वजह से पेट में दर्द और गैस जैसी समस्या शुरु हो जाती है। यह समस्या आंतों में मौजूद कुछ खास परजीवी के कारण होती है। ओरेगेनो ऐसे ही परजीवी को मार कर इन समस्याओं से निजात दिलाता है। सूखे हुए ओरेगेनों की मदद से आप इस समस्या से आसानी से छुटकारा पा सकते हैं।

हृदय स्वास्थ्य
यह हर्ब पौटेशियम का एक अच्छा स्रोत है। शरीर के अंगों और कोशिकाओं के लिए यह एक अच्छा तत्व है। यह हृदय की तेज धड़कनों को नियंत्रित करता है और रक्तचाप जैसी गंभीर समस्या से भी छुटकारा दिलाता है। यह ओमेगा-3 फैटी एसिड का प्राकृतिक स्रोत है जो कि हृदय रोग को दूर रखने में मददगार होता है।

अस्थमा दूर करें
ओरेगेनो में फेफड़ों को साफ करने वाले तत्व पाए जाते हैं जिसकी वजह से अस्थमा की समस्या से बचा जा सकता है। अगर आप अस्थमा की समस्या से ग्रस्त हैं तो ओरेगेनों टी ले सकते हैं आप चाहें तो उसमें चीनी की जगह शहद का प्रयोग कर सकते हैं। इसे आप दिन में चार या पांच बार ले सकते हैं।

वजन घटाने में कारगर
इस हर्ब में कोलेस्ट्रोल नहीं होता है साथ ही यह फाइबर से भरपूर होता है। फाइबर के सेवन से आप बढ़ते वजन को नियंत्रित कर सकते हैं। इसमें कार्वाक्रोल नामक तत्व पाया जाता है जो शरीर पर जमे फैट को कम करने में मददगार होता है।

कैंसर से बचाए
ओरेगेनो में फाइबर का अच्छा स्रोत है जो कैंसर पैदा करने वाले टॉक्सिन को शरीर से बाहर निकाल देता है। एंटीबैक्टेरियल और एंटी इंफलामैटरी से भरपूर ओरेगेनों स्तन कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को भी दूर रखता है।

मस्सों से छुटकारा दिलाते हैं ये 9 घरेलू नुस्खे, स्किन दिखेगी साफ

मस्सों के लिए उपचार
मस्‍से, त्‍वचा पर पेपीलोमा वायरस के कारण छोटे, खुरदुरे कठोर पिंड से बनते हैं। मस्‍से गर्दन, हाथ, पीठ, चिन, पैर इत्यादि कहीं पर भी हो सकते है। लेकिन चेहरे पर होने पर यह खूबसूरती को बिगाड़ देते हैं। अगर आप भी मस्‍सों से परेशान है तो त्‍वचा के इन बिन बुलाये मेहमानों से राहत पाने के लिए कुछ घरेलू उपायों को अपना सकते हैं। इन उपायों से आसानी आप मस्‍सों को दूर कर प्राकृतिक सौंदर्य वापस पा सकते हैं।

प्‍याज
मस्‍सों को समाप्‍त करने के लिए प्‍याज फायदेमंद होता है। इसके लिए एक प्याज रस निकालें और इस रस को नियमित रूप से दिन में एक बार मस्‍सों पर लगाएं। इस उपाय से मस्‍से की समस्‍या दूर हो जाती हैं।

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अगरबत्ती
मस्‍से को समाप्‍त करने के लिए आप अगरबत्ती का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए एक अगरबत्ती को जला लें और इसके जले हुए गुल को मस्‍से पर लगा कर तुरन्‍त हटा लें। ऐसा 8-10 बार करने से मस्‍सा सूखकर झड़ जाएगा। ध्यान रहे, अगरबत्ती का स्पर्श सिर्फ मस्से पर ही होना चाहिए।

आलू
आलू का प्रयोग करने से भी मस्‍से कुछ दिनों में समाप्‍त हो जाते हैं। इसके लिए आलू को छीलकर उसकी फांक लें और उसे मस्‍सों पर रगडि़ए। फिर देखिए आपके मस्‍से कैसे गायब होते हैं।

सेब
खट्टे सेब को जूस नियमित रूप से मस्‍सों पर लगाने से मस्‍से धीरे-धीरे झड़ जाते है और तीसरे सप्‍ताह तक तो लगभग समाप्‍त ही हो जाते हैं। इसके लिए खट्टे सेब लेकर उनका जूस निकाल लीजिए और उसको दिन में कम से कम तीन बार मस्से की जगह पर लगाइए।

सिरका
सिरका को इस्‍तेमाल दिन में दो बार मस्‍सों पर करने से मस्‍सों की परेशानी दूर हो जाती है। इसको उपयोग करने के लिए चेहरे को अच्छी तरह धोएं और कॉटन को सिरके में भिगोकर तिल-मस्सों पर लगाएं। दस मिनट बाद गरम पानी से फेस धो लें।

हरा धनिया
मस्‍सों से मुक्ति के लिए हरा धनिया एक कारगर उपाय है। इस उपाय को करने के लिए हरे धनिया को पीसकर उसका पेस्ट बना लें और इसे रोजाना मस्सों पर लगाएं।

एलोवेरा
मस्‍सों से जल्‍दी निजात पाने के लिए आप एलोवेरा के जैल का भी प्रयोग कर सकते हैं। अगर आपके घर पर एलोवेरा है, तो उसका एक छोटा का टुकड़ा काटिये और ताजा जैल मस्‍से पर लगायें।

लहसुन
लहसुन का प्रयोग मस्‍सों पर करने से मस्‍से कुछ ही दिनों में सूखकर झड़ जाते हैं। इसके लिए रात को सोने से पहले लहसेन की कली को छील कर उसका पेस्‍ट बना लें और उसे मस्‍सों पर लगा कर सो जाएं और सुबह उठकर उसे साफ कर लें। इस उपाय से आप मस्‍सों से छुटकारा पा सकते हैं।

अंजीर
अंजीर के इस्‍तेमाल से मस्‍से 3-4 हफ्ते में समाप्‍त हो जाते है। इसको इस्‍तेमाल करने के लिए ताजा अंजीर लें। इसे मसलकर इसकी कुछ मात्रा मस्से पर लगाएं और 30 मिनट तक लगा रहने दें फिर गुनगुने पानी से धो लें।

कुछ ही दिनों में गठिया दर्द से छुटकारा दिलाता है ये घरेलू उपाय

गठिया के घरेलू उपचार
गठिया के किसी भी रूप में जोड़ों में सूजन दिखाई देने लगती है। इस सूजन के चलते जोड़ों में दर्द, जकड़न और सूजन का एहसास होता है। रोग के बढ़ जाने पर तो चलने-फिरने या हिलने-डुलने में भी परेशानी होने लगती है। जानिए घर पर ही जोड़ों के दर्द को दूर करने के उपायों के बारे में-

अरंडी का तेल
अरंडी के जड़ का चूर्ण आधा या एक चम्मच लेने से गठिया के रोगियों में चमत्कारिक लाभ मिलता है। अगर जोड़ों का दर्द प्रारंभिक अवस्था में है तो अरंडी के तेल के मालिश भी अत्यंत प्रभावी होते है।

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अश्वगंधा का चूर्ण
अश्वगंधा,शतावरी एवं आमलकी का चूर्ण को अच्छे से मिलकार सुबह-सुबह पानी के साथ लेने से जोड़ों का दर्द कम होता है और मजबूती आती है।

लहसुन का सेवन
लहसुन रक्त शुद्ध करने में सहायक है। गठिया रोग के कारण रक्त में यूरिक एसिड बहुत अधिक मात्रा में हो जाता है। लहसुन के रस के प्रभाव से युरिक एसिड गलकर तरल रूप में मूत्रमार्ग से बाहर निकल जाता है। लहसुन के रस को कपूर में मिला कर मालिश करने से भी दर्द से राहत मिलती है।

अदरक भगाए दर्द
जोड़ों के दर्द से परेशान लोगों को हर रोज दो सौ ग्राम अदरक दो बार लेने से दर्द में बहुत राहत मिलती है। आप चाहें तो सब्जी, सूप या अन्य चीजों में मिलाकर भी अदरक का सेवन कर सकते हैं।

नींबू के रस का सेवन

जोड़ों पर नीबू के रस की मालिश करने से और रोजाना सुबह एक गिलास पानी में एक नीबू का रस निचोड़ कर पीते रहने से जोड़ों की सूजन दूर हो जाती है और दर्द नहीं रहता।

बथुए का रस

बथुआ के ताजा पत्‍तों का रस हर दिन 15 ग्राम पिएं। इसमें स्‍वाद के लिए कुछ भी न मिलाएं। खाली पेट पीने से ज्‍यादा लाभ होता है। तीन महीने पीने से दर्द से हमेशा के लिए निजात मिल जाती है।

एलोविरा जेल
ऐलोविरा जेल को तमाम रोगों को इलाज माना जाता है। जोड़ों में दर्द होने पर एलोविरा के पत्‍ते को काटकर उसके जेल को दर्द होने वाली जगह पर लगाएं। इससे दर्द में काफी राहत मिलेगी।

आलू का रस

आलू का रस गठिया का दर्द होने पर हर दिन खाना खाने से पहले से दो आलूओं का रस निकाल लें और पिएं। हर दिन कम से कम शरीर में 100 मिली. रस पीने से आराम मिलेगा।

हरी पत्तेदार सब्जी
जोड़ों के दर्द में हरी पत्‍तेदार सब्‍जी का सेवन करना काफी फायदेमंद माना जाता है। इसमे मौजूद विटामिन व मिनरल जोड़ों के दर्द को कम करता है साथ ही इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है और हडिडयां मजबूत होती हैं।

बरसात में बढ़ जाते हैं कीड़े मकोड़े, काटने पर तुरंत आजमाएं ये घरेलू नुस्खे

बर्फ की सिंकाई
अगर चींटी, मधुमक्खी, बर्र या किसी अन्य कीट के काटने से आपकी स्किन लाल हो जाती है या उस पर सूजन होती है तो आप उस जगह को बर्फ से तुरंत मलें। इससे जलन कम होगी और सूजन भी नहीं होगी। एक तौलिये में कुछ बर्फ के टुकड़े लें तथा कीड़े या कीट के काटे हुए भाग पर 20 मिनट तक रखें। इसकी ठंडक से रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाएंगी तथा दर्द और खुजली का अहसास नहीं होगा।

टूथपेस्ट
यदि आपको किसी चींटी, मधुमक्‍खी या ततैया ने काटा हो, तो आप घर में मौजूद टूथपेस्ट तुरंत काटे हुए स्थान पर गला लें। टूथपेस्ट में एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुण होते हैं इसलिए ये दर्द और सूजन को कम करता है। इसमें मौजूद मिंट आपके जलन को तुरंत ठीक करती है।

सुबह एक ग्लास = रोज 3 किलो चर्बी गायब!

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तुलसी की पत्तियां रगड़ें
चींटी मच्छर, मधुमक्खी या अन्य कीड़ों के काटने पर होने वाली खुजली, जलन और सूजन को कम करने के लिए प्रभावित जगह पर तुलसी की पत्तियां लगाएं। इसके लिए कुछ ताज़े तुलसी के पत्तों को मसलें और 10 मिनट तक प्रभावित त्वचा पर मलें। इससे जलन की समस्या ठीक हो जाएगी और इंफेक्शन नहीं फैलेगा।

शहद भी है फायदेमंद
कीड़ों के काटने पर तत्‍काल राहत पाने के लिए शहद एक बहुत ही बढि़या उपाय है। शहद में मौजूद एंजाइम जहर को बेअसर करने में मदद करते हैं और इसका एंटी-बैक्टीरियल गुण संक्रमण बढ़ने नहीं देता है। साथ ही यह दर्द और खुजली को कम करने में मदद करता है। कीड़े के डंक वाले हिस्‍से में शहद को अच्‍छे से लगाकर छोड़ दें। इसका ठंडा और सुखदायक प्रभाव डंक के लक्षणों को काफी हद तक कम कर देता है। या आप शहद को एक चम्‍मच हल्‍दी में मिलाकर पेस्‍ट बनाकर प्रभावित हिस्‍से पर लगायें। इस उपाय को दिन में दो बार करें।

बेकिंग सोडा
बेकिंग सोडा भी कीड़ों के काटने पर एक प्रभावी प्राकृतिक उपचार है। बेकिंग सोडा की क्षारीय प्रकृति कीड़ों के डंक को बेअसर करने में मदद करती है। यह दर्द और खुजली से तत्काल राहत प्रदान करता है। इसके अलावा, इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन, दर्द और लालिमा को कम करने में मदद करता है। समस्‍या होने पर एक चम्‍मच बेकिंग सोडा लेकर उसमें थोड़ा सा पानी मिलाकर पेस्‍ट बना लें। फिर इस पेस्‍ट को प्रभावित हिस्‍से पर 5 से 10 मिनट के लिए लगा लें। दस मिनट के बाद इसे गुनगुने पानी से धो लें। अगर जरूरत हो तो इस उपाय को कुछ ही घंटों के बाद दोहराये।

फटे पैरों को सिर्फ 1 रात में सही करता है ये दमदार घरेलू नुस्खा

नींबू है अच्छा उपाय
पैरों पर कटा नींबू रगड़ने से वे नरम बने रहते हैं। हफ्ते में कम से कम एक बार अपने पैरों को नींबू से साफ करें। आप अपने पैरों को गर्म पानी के टब में भी डुबो सकते हैं जिसमे की 1 कप इप्सम नमक मिला हुआ हो।

एंटी-सेप्टिक साबुन
पैरों को साफ करने के लिए एंटी-सेप्टिक युक्‍त साबुन का इस्‍तेमाल करें। इससे आपके पैरों की सूखी त्‍वचा को तो आराम मिलेगा ही साथ ही कीटाणुओं से भी पैरों की रक्षा होगी।

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पैरों को सूखा रखें
अपने पैरों को गीला न रखें। पैरों को अच्‍छी तरह सुखाने के बाद उन पर कुछ लोशन लगाएं। जिससे आपके पैर मुलायम बने रहें।

खूब पानी पीएं
रोजाना कम से कम आठ से दस‍ गिलास पानी पिएं। इसके साथ ही कैफीन और एल्‍कोहल से भी परहेज करें क्‍योंकि इनका अधिक सेवन शरीर में जल की मात्रा को कम कर देता है।

कैंची को रखें दूर
अपनी सूखी त्वचा को कैंची से काटने को कोशिश न करें। इससे आसपास की त्‍वचा भी निकल सकती है। ऐसा करना कई बार काफी तकलीफदेह भी होता है और साथ ही इससे त्‍वचा में संक्रमण होने का खतरा भी होता है।

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प्युमैस स्‍टोन
त्‍वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने के लिए प्युमैस स्‍टोन का प्रयोग करें। यह ऐसी सख्‍त त्‍वचा को हटाने का काम करता है जो बाद में टूट सकती है। इसे इस्‍तेमाल करते हुए इस बात का ध्‍यान रखें कि आप इतनी जोर से न रगड़ें कि दर्द होने लग जाए।

दाढ़ी के सफेद बालों को काला करता है आलू का ऐसा प्रयोग

मूछ और दाढ़ी के सफेद बाल हटाने के घरेलू नुस्‍खे
उम्र बढ़ने के साथ मेलेनिन की मात्रा कम होने के कारण मूछ और दाढ़ी के बाल सफेद होने लगते हैं। मेलेनिन ऐसा पिग्‍मेंट है जो आपके बालों और त्‍वचा के रंग को सही रखने में मदद करता है। लेकिन उम्र के साथ शरीर में मेलेनिन की मात्रा कम होने से बालों और त्‍वचा का रंग फीका पड़ने लगता है। इसके अलावा तनाव, खराब खानपान, स्वास्थ्य समस्याएं और बुढ़ापा आदि के कारण भी बाल सफेद होने लगते हैं। लेकिन मूछ और दाढ़ी के बाल सफेद दिखने से आप उम्रदराज लगने लगते हैं। ऐसे में अनचाही सफेदी से छुटकारा पाना स्‍वाभाविक है। लेकिन आपकी मूछ पर दिखने वाले बाल छिप नहीं सकते। अतः आपको मूछ के सफेद बालों को हटाने का नुस्खा ढूंढना पड़ेगा। यह सही है कि आप सफेद बाल कई विधियों से हटा सकते हैं। लेकिन ऐसे कई घरेलू नुस्खे भी हैं जो कि आपके बालों को सफेद होने से बचा सकते हैं। आइए हम आपको मूछ और दाढ़ी के सफेद बालों से छुटकारा पाने घरेलू उपायों के बारे में बताते हैं।

दाल और आलू का पेस्‍ट
इस बेहतरीन आयुर्वेदिक नुस्‍खे से आप मूछ के सफेद बालों से छुटकारा पा सकते हैं। आलू और दाल को साथ मिलाकर लगाने से आप मूछ के सफेद बालों से छुटकारा पा सकते हैं। आलू और दाल से बना पेस्‍ट मूछ के अनचाहे बाल को हटाने के काफी काम आता है। आलू में ब्लीचिंग के प्राकृतिक गुण होने के कारण आलू को दाल के साथ मिलाकर मूछ पर लगाने से बालों का प्राकृतिक रंग वापस आ जाता है।

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